April 24, 2024
दालचीनी - dalchini khane ke fayde

दालचीनी के लाभ – 15+ Dalchini Khane Ke Fayde

दालचीनी खाने के बहुत फायदे होते है। इसको को अंग्रेजी में “Cinnamon” कहते हैं । दालचीनी(Dalchini) का उपयोग रोजाना मसालों में सुगंध एवं स्वाद के लिए किया जाता है यह मुँह की शुद्धि एवं गले की शुद्धि करती है। दालचीनी का उपयोग औषधि के रूप में भी किया जाता है इसके अनेको फायदे है और इसकी अनेक प्रकार की किस्मे पायी जाती है ।

दालचीनी पेड़ की छाल होती है। इसका पेड़ छोटा होता है और इसकी ऊंचाई 10-15 मीटर तक होती है। यह भारत के दक्षिण के इलाको में ज्यादा पाया जाता है। मुख्य रूप से इसका उपयोग मसालों के रूप में किया जाता है। गर्म मसाले में इसका प्रयोग बहुत किया जाता है।

दालचीनी के प्रकार :

मुख्य रूप से दालचीनी दो प्रकार की होती है – पतली और मोटी।

मोटी दालचीनी –

इसके गुण कुछ इस प्रकार है – लघु , उष्ण , तीखी , मधुर , कटु , रुक्ष और पित्तकारक है । यह कफ , वायु , खुजली , अपक्व रस और अरुचिनाशक एवं हृदयरोग , मूत्राशय के रोग , अर्श , कृमि , पीनस मिटाने वाली तथा वीर्यकारक है ।

पतली दालचीनी –

यह प्रकार मधुर , कड़वी , तीखी , सुगन्धित , वीर्यवर्धक , शरीर के रंग को सुधारने वाली एवं वायु , पित्त , मुखशोष और तृषा मिटाने वाली है ।

वैज्ञानिक मतानुसार – दालचीनी अत्यन्त उपयोगी और सुगन्धित औषधि है और इसको खाने के फायदे भी बहुत है। यह उष्ण , दीपन , पाचन , वातहर , स्तम्भन , गर्भाशय उत्तेजक , गर्भाशय संकोचक , रक्त में स्थित श्वेतकण बढ़ाने वाली और उत्तेजक है । यह जन्तुनाशक है और काला ज्वर , टायफाइड , टाइफस तथा अन्य संक्रामक रोगों का नाश करती है एवं उबकाई , उल्टी व अतिसार को मिटाती है । मूत्रल होने के कारण यह बस्ति के रोगों में उपयोगी है ।

नोट– इसको अत्यधिक मात्रा में या दीर्घकाल तक खाने से वीर्य शोषक सिद्ध होती है । अतः इसको अधिक नहीं खाना चाहिए ।

दालचीनी खाने के फायदे (Cinnamon Benefits In Hindi)-

तुतलाना में –

तुतलाना की बीमारी में या जब आवाज साफ़ न हो तो दालचीनी चबाइये इससे तुतलाना में लाभ होता है और गला भी साफ़ होता है।

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वीर्यवर्धक में –

वीर्य की वृद्धि करने में दालचीनी के बहुत फायदे है। इसे बहुत ही बारीक पीसलें । 4-4 ग्राम सुबह व रात को सोते समय गरम दूध से फाँकें । इससे दूध पच जाता है और वीर्य की वृद्धि होती है ।

गैस से पेटदर्द में

गलत खान पीन के कारण और अंग्रेजी दवाई के ज्यादा सेवन से या अन्य किसी वजह से जठराग्नि कमजोर हो जाती है। और जठराग्नि के कमजोर होने के कारण खाना ठीक से नहीं पच पाता है और गैस की समस्या उत्पन्न होती है। आज के समय में अनेक लोग गैस की समस्या से पीड़ित है तो वे दालचीनी का प्रयोग कर सकते है। यह गैस के कारण होने वाले पेट दर्द में और पाचन – शक्ति बढ़ाने में भी फायदे देती है।

दस्त में –

दस्त की बीमारी में मतलब जब पतला मल दिन में 2 से ज्यादा बार आता हो और पेट में मरोड़ होती हो तो आप नीचे दिए गए किसी भी एक प्रयोग को कर सकते है। और ये प्रयोग पेट के अन्य रोगों में भी फायदे देते है।

पहला प्रयोग :

दस्त की बीमारी में आप यह नुस्खा अजमा सकते है – 2 ग्राम बारीक पिसी हुई दालचीनी पानी के साथ खाने से दस्त आना बन्द हो जाते हैं।

दूसरा प्रयोग :

दालचीनी और कत्था समान मात्रा में लेकर पीसकर आधा चम्मच भर नित्य 3 बार खाने से भी दस्त बन्द हो जाते हैं ।

पित्त बनने के कारण उल्टी में –

कुछ लोगो को कड़वी स्वाद के साथ उलटी होती है तो ये उलटी अधिक पित्त होने के कारण होती है। पित्त बनने के कारण उल्टी में दालचीनी पीसकर शहद में मिलाकर चाटें इससे फायदा होता है।

दालचीनी - dalchini khane ke fayde�

कब्ज और अजीर्ण में राहत –

जिन लोगो को कब्ज की समस्या रहती हो अर्थात जिनका पेट साफ़ नहीं होता हो तो उन्हें दालचीनी , सोंठ , जीरा और इलायची जरा – जरा – सी मात्रा में मिलाकर खाते रहने से कब्ज और अजीर्ण में फायदा होता है।

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इन्फ्लुएंजा में (जुकाम में फायदा) –

जुकाम से राहत पाने के लिए दालचीनी 5 ग्राम , लॉग 2 नग , सौंठ चौथाई चम्मच को लेकर पीसकर एक लीटर पानी में उबालें। चौथाई पानी शेष रहने पर छानकर इस पानी के 3 हिस्से करके दिन में 3 बार पिलाएँ। ऐसा करने से उत्तम रूप से लाभ होता है।

सिरदर्द में लाभ –

जिन व्यक्तियों को सिरदर्द की शिकायत हो उन्हें दालचीनी पानी में पीसकर ललाट पर लेप करना फायदेमंद है।

पेटदर्द में उपयोग –

यह पेट की अनेक बिमारिओ में फायदे देती है। पेटदर्द में दालचीनी , हींग ( प्रत्येक चौथाई चम्मच ) मिलाकर पीस लें । फिर 1 गिलास पानी में पीसकर उबाल कर ठण्डा कर लें । यह 3 चम्मच पानी 3 बार नित्य पीने से पेट दर्द ठीक हो जाता है ।

गले का काग ( कौआ ) की वृद्धि हो जाना –

दालचीनी बारीक पीसकर अँगूठे से प्रातःसमय काग पर लगाएँ और रोगी को लार टपकाने हेतु कहें । इस प्रयोग से कागवृद्धि दूर होकर लाभ होगा और गला साफ़ होगा।

दालचीनी - dalchini khane ke fayde
Benefits Of Cinnamon Tree Bark In Hindi

दालचीनी के कुछ अन्य सरल प्रयोग से फायदे (Dalchini Khane Ke Saral Nuskhe Ke Fayde):

• दालचीनी, कालीमिर्च और अदरक का काढ़ा पीने से जुकाम दूर होकर फायदा होता है।

• दालचीनी का काढ़ा पीने से पित्त के कारण होने वाली वमन मिटती है और लाभ होता है।

• इसको खाने से अजीर्ण , उल्टी , लार , उदरशूल और अफरा मिटता है ।

• यह स्त्रियों का ऋतुस्राव साफ लाती है और गर्भाशय का संकोचन करती है ।

• दालचीनी 1gm और छोटी हरड़ 5gm इनका चूर्ण बनालें । यह चूर्ण 100gm गर्म पानी में मिलाकर रात को पीने से प्रातः साफ दस्त आता है और कब्जियत दूर होकर फायदा होता है ।

• दालचीनी और सफेद कत्थे का चूर्ण प्रत्येक 300mg की मात्रा में चूर्ण शहद में मिलाकर खाने से अपच के कारण बार – बार होने वाले पतले दस्त बन्द होते हैं।

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• इसे खाने से पेचिस में भी फायदे होते है। 1gm चूर्ण ताजा पानी से लेने से पेचिश मिटती है ।

• दालचीनी का तेल 2 से 3 बूँद तक एक कप पानी में मिलाकर खाने से इन्फ्लुएँजा ज्वर , ग्रहणी , पेटदर्द , हिचकी और उल्टी में लाभ होता है ।

• दालचीनी के तेल अथवा अर्क में रुई का फोहा भिगोकर दुखती दाढ़ या दाँत पर रखने से लाभ होता है ।

• दालचीनी , कत्था , जायफल और फिटकरी मिलाकर उसकी गोटी बनाकर योनि में रखने से प्रदर रोग मिटता है।

दालचीनी की तासीर | Dalchini Ki Taseer Kaisi Hoti Hai

दालचीनी की तासीर बहुत गर्म होती है इसीलिए इसका सेवन बहुत सावधानी के साथ करना चाहिये। ज्यादा मात्रा में लेने से इसके दुष्प्रभाव हो सकते है। किसी जानकार की सलाह से ही इसका सेवन करना चाहिए।

FAQ : (Daalchini) दालचीनी से सम्बंधित प्रश्न –

हम आशा करते है की आपको ये दालचीनी खाने के फायदे का लेख पसंद आया होगा। यदि आप कोई विचार साझा करना चाहते है तो नीचे कमेंट बॉक्स में comment करें।

धन्यवाद !

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Dalchini Ke Baare Me in Hindi (Cinnamon Benefits)